जीवन शैली – Haryana Focus https://haryanafocus.com हरियाणा की आवाज Mon, 12 Feb 2024 14:45:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://haryanafocus.com/wp-content/uploads/2024/01/Haryana-focus-logo-150x150.jpeg जीवन शैली – Haryana Focus https://haryanafocus.com 32 32 लक्ष्यम एनजीओ व फिक्की वाईएफएलओ ने फैशन फॉर ए कॉज़ 2024 का आयोजन किया: एक शाम जीवन बदलने के नाम https://haryanafocus.com/lakshyam-ficci-yflo/ https://haryanafocus.com/lakshyam-ficci-yflo/#respond Mon, 12 Feb 2024 14:39:11 +0000 https://haryanafocus.com/?p=1225

-प्रसिद्ध एनजीओ लक्ष्यम “फैशन फॉर ए कॉज़ -2024 का आयोजन
-FICCI की महिला शाखा, यंग फिक्की लेडीज़ आर्गेनाइजेशन (वाईएफएलओ) के साथ मिल कर किया गया आयोजन
-FICCI यएफएलओ लगभग 12,000 उद्यमी महिलाओं के संगठन है

नई दिल्ली, प्रगति मैदान स्थित नेशनल क्राफ्ट म्यूजियम में प्रसिद्ध एनजीओ लक्ष्यम “फैशन फॉर ए कॉज़ -2024 का आयोजन किया गया जिसका उदेश्य सामाजिक परिवर्तन के तहत गरीब बच्चो के शिक्षा और जीवन स्तर बेहतर किया जा सके | कार्यक्र्म का आयोजन FICCI की महिला शाखा, यंग फिक्की लेडीज़ आर्गेनाइजेशन (वाईएफएलओ) के साथ मिल कर किया गया जिसमे मुख्य सहयोगी के रूप में धनमिल सम्मिलित हुआ | FICCI यएफएलओ लगभग 12,000 उद्यमी महिलाओं का संगठन है, जो देशभर में महिलाओं के जीवन स्तर के सुधार के लिए निरन्तर प्रयासरत है ।

फैशन फॉर ए कॉज़ 2024, फैशन उद्योग के प्रमुख सितारों के माध्यम से गरीब बच्चों को जीवन के प्रति सकारत्मक और शिक्षा से जोड़कर बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है |कार्यक्र्म निर्माणात्मक परिवर्तन के लिए एक प्रेरणास्त्रोत और उन लोगों के लिए आशा की किरण था जो एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की तलाश में हैं। लक्ष्यम के संस्थापक, राशि आनंद, ने कहा कि 30 वर्षों से केंद्रीय दिल्ली का एक स्लम – किर्बी प्लेस है जहां 10,000 लोग अधिकांशत: बिना बिजली के भिखारी के रूप में रहते हैं, इनक बच्चों को शिक्षा ke माध्यम से समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास जारी है| आज का कार्यक्रम न केवल एक रनवे शो था बल्कि हमारे लाभार्थियों के बच्चों को एक आशाजनक भविष्य प्रदान करने का एक रूपांतरणात्मक अवसर था। हम साथ में आशा रखते है कि हम सभी मिल कर सशक्तिकरण और सुधार की एक लहर पैदा करने मे सफल हो पाएंगे|

FICCI वाईएफएलओ दिल्ली के अध्यक्ष दिव्या जैन ने कहा कि हमारे प्रयास अच्छे परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के साथ ही आयोजन का उद्देश्य समुदायों का समर्थन और उन्हें उच्चतम स्तर पर उठाने के साथ मेल खाता है, जिससे परिवर्तन और सहानुभूति का एक सामंजस्य होता है।

यह आयोजन लक्ष्यम के बच्चों के साथ सबसे प्रतिष्ठित फैशन आइकन्स के साथ था, जिन्होंने अपनी सिल्वेट्स और प्रसिद्ध डिज़ाइनर रोहित बल, वरुण बहल और शांतनु और निखिल की रचनात्मकता में खूबसूरती से तैयार कपड़ों में हाथ मिलाए। इस आयोजन में अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों जैसे दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, दिव्या जैन, गुंजन जैन, प्रिया जैन, दमन बंगा, पूनम आनंद, ऋषभ जैन, ब्लॉसम कोचर, शिल्पा बम्मी सिक्का, ऐश्वर्या बंसल, पायल कानोड़िया, एनी मंजल, ईश खरबंदा, संजीव बिजली, गरिमा नागपाल, शुचि पाटनी, और हरप्रीत सुरी जैसे अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व भी शामिल थे।

]]>
https://haryanafocus.com/lakshyam-ficci-yflo/feed/ 0
देखने से लग रहा है बीमार, कैसे पता करें कि आपके टॉमी को है बुखार! https://haryanafocus.com/pet-care-signs-stating-your-dog-is-sick-and-needs-proper-medical-attention-remedies-and-treatment-tstb/ https://haryanafocus.com/pet-care-signs-stating-your-dog-is-sick-and-needs-proper-medical-attention-remedies-and-treatment-tstb/#respond Thu, 11 Jan 2024 15:16:26 +0000 https://www.yogeetainterior.com/hrfocus/?p=1133

स्वस्थ कुत्ता डॉग लवर्स के घर की रौनक होता है लेकिन स्थिति तब बिगड़ती है जब खेलने कूदने वाला कुत्ता अचानक ही डल होकर एक कोने में पड़ जाता है. आइये बात करें उन लक्षणों पर जिनको जानने के बाद आप अपने कुत्ते को देखते ही समझ जाएंगे कि वो बीमार है या नहीं. 

जाड़े का मौसम है. ठंड का प्रकोप ऐसा है कि पूरा उत्तर भारत थर-थर कांप रहा है. लोग अपनी रजाइयों और कंबल में दुबके हैं और तब ही निकल रहे हैं जब कोई बेहद जरूरी काम हो. हमारी आपकी तरह ठंड जानवरों को भी लगती है. इस मौसम में पेट पेरेंट्स उनमें भी डॉग पेरेंट्स, जिस समस्या का सामना सबसे ज्यादा करते हैं वो है इस मौसम में कुत्तों की डाइट का कम हो जाना.

जाड़े में कुत्तों का अपने खाने को कम कर देना कोई नई बात नहीं है. लेकिन समस्या तब है जब आपको देखकर प्रायः उत्साहित रहने वाला आपका कुत्ता एकदम डल हो जाए. वो सिर झुकाए एक जगह पड़ा रहे और खाने पीने का पूरी तरह से त्याग कर दे.

ऐसी स्थिति में कुत्ते को देखने के बाद स्वतः ही आपको इस बात का एहसास हो जाएगा कि आपके कुत्ते में कुछ तो गड़बड़ है. तो आइये बात करें उन लक्षणों पर जिनको जानने के बाद आप अपने कुत्ते को देखते ही समझ जाएंगे कि वो बीमार है या नहीं. 

ध्यान रहे जिन लक्षणों से हम आपको अवगत करा रहे हैं. अगर समय रहते आप अपने प्यारे कुत्ते को डॉक्टर के पास नहीं ले गए तो समस्याएं कहीं ज्यादा जटिल हो सकती हैं. और शायद आपकी लापरवाही के चलते आपका कुत्ता मौत के मुंह में चला जाए.

व्यवहार- कुत्ता बीमार है या नहीं ये चीज हमें उसका व्यवहार देखकर समझ में आ जाएगी. अगर आपका टॉमी अजीबोगरीब तरीके का बर्ताव कर रहा है तो आपको सचेत हो जाना चाहिए.

चाहे वो कुत्तों का खांसना और छींकना हो या फिर कम खाना पीना ये साफ़ संकेत हैं कि आपका कुत्ता बीमार है और उसे वेट की जरूरत है.

शरीर में परिवर्तन- कुत्तों को ईश्वर ने ये गुण दिया है कि कई चीजें सिर्फ वो अपने शरीर से जाहिर कर देते हैं. चाहे वो कुत्ते की आंखें, नाक और कान हों या फिर उसके बैठने का तरीका।

पूंछ और शरीर की गंध कुत्ता आपको खुद संकेत दे देगी कि वो बीमार है और आपको उसे फ़ौरन ही अस्पताल लेकर जाना चाहिए.

मसूड़े- अगर आपने बतौर पेट कुत्ते को रखा है तो शायद आपको ये मालूम ही होगा कि कुत्ते के मसूड़े उसके स्वस्थ होने की पूरी दास्तां कह देते हैं. ध्यान रहे कि आपके कुत्ते के मसूड़े कभी पीले, नीले, सफेद या भूरे रंग के नहीं होने चाहिए. अगर कुत्ता स्वस्थ है तो उसके मसूड़े गुलाबी होंगे.

पेशाब- कई बार देखा गया है कि डल होने की अवस्था में कुत्ते  पेशाब तक का त्याग कर देते हैं या अत्यधिक करते हैं. ये दोनों ही अवस्थाएं कुत्ते के लिए एक बड़ा जोखिम हैं.

यदि आपके कुत्ते के साथ ऐसा कुछ भी हो रहा है तो फ़ौरन ही उसे डॉक्टर के पास ले जाएं. 

लार- यूं तो कुत्ते लार बहाते ही हैं लेकिन अगर उनकी ज्यादा लार बाह रही है और कुत्ता हांफ रहा है तो आपको ये समझ जाना चाहिए कि आपका कुत्ता गंभीर रूप से बीमार है. 

ठंड लगना- स्वस्थ कुत्तों पर मौसम का बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं होता. उनकी बॉडी कई चीजों के लिए स्वतः ही अनुकूल होती है.

बावजूद इसके यदि आप ये देख पा रहे हैं कि, आपके कुत्ते को ठण्ड लग रही है और बैठने के लिए बार बार वो अपनी पोजीशन बदल रहा है. तो आपको समझ जाना चाहिए कि आपका कुत्ता दिक्कत में है और उसे अस्पताल जाने की जरूरत है.

]]>
https://haryanafocus.com/pet-care-signs-stating-your-dog-is-sick-and-needs-proper-medical-attention-remedies-and-treatment-tstb/feed/ 0
ट्रेकिंग पर गई लड़की तो होने लगा घुटने में दर्द…जानें क्या हो सकता है कारण और उपाय: Knee Pain and Hiking https://haryanafocus.com/5-steps-to-protect-your-knees-while-hiking-knee-pain-and-hiking-why-it-happens-how-to-avoid-it-tlifm/ https://haryanafocus.com/5-steps-to-protect-your-knees-while-hiking-knee-pain-and-hiking-why-it-happens-how-to-avoid-it-tlifm/#respond Thu, 11 Jan 2024 15:04:55 +0000 https://www.yogeetainterior.com/hrfocus/?p=1120

खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर ट्रेकिंग करने में मजा तो खूब आता है लेकिन यह मजा कभी-कभार सजा भी बन सकता है. ट्रेकिंग के बाद कई लोगों के घुटने में दर्द हो जाता है. इसका कारण क्या है और इस दर्द को होने से कैसे रोका जा सकता है, इस बारे में जानेंगे.

हिमाचल, उत्तराखंड में कई ऐसी जगह हैं जो ट्रेकिंग के लिए काफी फेमस हैं. कई जगहों पर ट्रेक बने हुए हैं तो कई बार खराब और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से ट्रैक करना होता है. ऐसे में कई लोगों को घुटने में दर्द की शिकायत हो जाती है. एक लड़की कुछ समय पहले ट्रेकिंग पर गई और वहां से आने के कुछ हफ्तों बाद उसके घुटने में धीरे-धीरे दर्द शुरु हुआ. पहले तो उसने अनदेखा किया लेकिन जब दर्द अधिक बढ़ने लगा तो उसने डॉक्टर को दिखाया. डॉक्टर ने बताया कि उसका कार्टिलेज डैमेज हो गया है. इस कारण उसे फिजियोथेरेपी लेनी होगी, ब्रेसिंग नी ग्लब्स पहनना होगा, सीढ़ियां चढ़ने से बचना होगा, बर्फ से सिकाई करनी होगी और आराम करना होगा.

ट्रेकिंग के दौरान यह एक सामान्य स्थिति है जिसे रोका जा सकता है. दरअसल, प्रैक्टिस ना होने, लोअर बॉडी कमजोर होने और घुटने के मसल्स मजबूत ना होने के कारण हड्डी, टिश्यू, लिगामेंट और कार्टिलेज पर अधिक दवाब बन जाता है जिसके कारण घुटनों में दर्द होना शुरू हो जाता है. ट्रेकिंग के समय घुटने के दर्द को कैसे रोकें, इस बारे में जान लीजिए.

ट्रेकिंग के दौरान घुटने में दर्द का कारण

हावर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबित, नीचे की ओर झुकी हुई (ढलान) या खड़ी सतह (घाटी या पहाड़) पर चलने से घुटने पर सामान्य दबाव पड़ता है और उन पर सामान्य से दो-तीन गुना प्रेशर पड़ता है जो घुटनों में दर्द का मुख्य कारण है. यह केवल इसलिए नहीं होता कि आप बहुत लंबी दूरी पैदल चल रहे हैं. यह इसलिए होता है कि आपके घुटनों पर अधिक दवाब पड़ रहा है. यह समस्या ज्यादातर लंबी पैदल यात्रा के खराब तरीकों, खराब जूते-चप्पलों, अधिक वजन उठाने और घुटनों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज ना करने के कारण होता है.

घुटनों में दर्द के प्रकार

लंबी पैदल यात्रा के दौरान आपके घुटने के नीचे लगातार दर्द महसूस होना आम बात है. इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके घुटने का कार्टिलेज खराब हो गया है. इस प्रकार का दर्द आमतौर पर तब महसूस होता है जब आप ढलान पर नीचे उतरते हैं. ढलान वाले इलाके घुटने और उसके कार्टिलेज पर अधिक दवाब बनाते हैं.

घुटने के ऊपर या नीचे दर्द

कभी-कभी आपको घुटने के नीचे बिल्कुल नहीं, बल्कि घुटने के ऊपर दर्द महसूस हो सकता है. ऐसा लंबी दूरी तय करने के कारण टेंडन में आई सूजन के कारण हो सकती है. 

पूरे घुटने में दर्द

कभी-कभी आपको अपने पूरे घुटने में गंभीर दर्द महसूस हो सकता है, खासकर यदि आप रास्ते में गिर गए हों. इसके अलावा दर्द किसी पूर्व चोट के कारण भी हो सकता है जो आपको अपनी पैदल यात्रा शुरू करने से पहले ही लगी हो और खराब जगह पर चलने के कारण वहां का दर्द उभर आया हो.

घुटने में दर्द से बचने के उपाय

एक्सरसाइज करें: अगर आप ट्रेकिंग का शौक रखते हैं और आने वाले समय में ट्रेकिंग पर जाना चाहते हैं तो घुटने को मजबूत करने के लिए कुछ एक्सरसाइज जरूर करें. इसमें वॉल सिट एक्सरसाइज करें जिसमें आपको दीवार के सहारे बैठना है. 

हिप थ्रस्ट एक्सरसाइज करने से ग्लूट मसल्स मजबूत होते हैं. ऐसा करने से हिप्स लोअर बॉडी को सपोर्ट मिलेगा क्योंकि ग्लूट लोअर बॉडी का सबसे बड़ा मसल्स होता है. इसके अलावा लोअर बॉडी को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज भी करें.

घुटने के ब्रेस का उपयोग करें:  लंबी चढ़ाई या उतार वाली ट्रेकिंग के लिए घुटने के ब्रेस का उपयोग करें. इससे घुटने के मसल्स स्थिर रहेंगे और सपोर्ट देंगे.

डंडों का उपयोग: जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज का कहना है कि अगर कोई ट्रेकिंग कर रहा है तो डंडो या सपोर्ट चोट के जोखिम को 25 प्रतिशत तक कम कर देते हैं.

ब्रेक लगाते हुए ना चलें: जब आप घाटी उतर रहे हों तो पैरों से ब्रेक लगाकर ना उतरें क्योंकि ऐसा करने से घुटने में झटका लगता है. 

स्ट्रेचिंग करें: लंबी चढ़ाई या उतार वाली ट्रेकिंग से पहले वॉर्मअप और बाद में स्ट्रेचिंग जरूर करें. ऐसा करने से मसल्स टेंशन रिलीज हो जाती है और दर्द नहीं होगा.

]]>
https://haryanafocus.com/5-steps-to-protect-your-knees-while-hiking-knee-pain-and-hiking-why-it-happens-how-to-avoid-it-tlifm/feed/ 0
बुढ़ापे से पहले घर बैठा देंगी ये 4 आदतें, बीमारियों का घर बन जाएगा शरीर https://haryanafocus.com/anti-ageing-tips-these-four-habits-stops-you-to-live-longer-and-healthy-life-effects-on-young-age-tlifs/ https://haryanafocus.com/anti-ageing-tips-these-four-habits-stops-you-to-live-longer-and-healthy-life-effects-on-young-age-tlifs/#respond Thu, 11 Jan 2024 12:12:12 +0000 https://www.yogeetainterior.com/hrfocus/?p=1117

जब इंसान जवां होता है तो वह बुढ़ापे के नाम से भी घबराता है. लेकिन कई बार उसकी ही कुछ आदतें ऐसी होती हैं, जो उसे उम्र से पहले ही बूढ़ापे की ओर ले जाती हैं. धीरे-धीरे आदतों का बुरा प्रभाव शरीर में देखने को मिलना शुरू हो जाता है.

इंसान लंबा जीवन जीना तो चाहता है लेकिन उसके लिए अपनी खराब आदतों को नहीं छोड़ना चाहता है. ऐसी कई आदतें होती हैं, जो आमतौर पर लोगों में देखने को मिल जाती हैं. हैरान करने वाली बात है कि यह सभी खतरनाक आदतें होती हैं, उसके बावजूद भी लोगों को इस बात की फिक्र नहीं होती है. नतीजन वह इंसान उम्र से पहले ही बूढ़े होने लग जाते हैं. कई बार भयंकर रोग की चपेट में आकर अपनी जान तक गवां देते हैं. इसी वजह से आप भी इस नए साल में कुछ आदतों को भूल जाइए तो ही आपके लिए बेहतर है. 

कम नींद लेना खतरनाक

आजकल स्मार्टफोन और इंटरनेट के जमाने में लोगों की नींद न जाने कहां खो गई है. काफी लोग अब ऐसे हैं जो ना समय से सो पाते हैं और ना ही समय से उठ पाते हैं. शुरू में कम नींद लेने से दिक्कत इतनी नहीं होती है, जितनी कुछ समय के बाद होनी शुरू हो जाती है. दरअसल, बॉडी को रेस्ट चाहिए होता है जो पर्याप्त नींद लेने पर ही मिलता है. इसलिए अपनी नींद पूरी करें और शरीर की जरूरत के अनुसार आराम करें. 

कैमिकल फ्री और प्रोसेस्ड फूड 

फिट रहना है तो डाइट में कैमिकल फ्री और प्रोसेस्ड फूड आइटम्स ही शामिल होने चाहिए. दरअसल, आजकल बाजार में मिलने वाले ऐसे प्रॉडक्ट्स काफी नुकसान पहुंचाते हैं. अगर खुद को जवां रखना चाहते हैं तो अच्छा खानपान भी जरूरी है. डाइट में ताजे फल और सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए. ज्यादा मांस खाने से बचाव करें. जो बस वेज खाते हैं तो ज्यादा तली-भुनी चीजें आपके लिए अच्छी नहीं हैं. 

रोजाना फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना

अगर आप आलस में रहकर रोज किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं तो यह आदत आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. अगर आप रोजाना कोई फिजिकल एक्टिविटी करते हैं तो कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचे रहते हैं. साथ ही खुद को फिट रखने के लिए आपकी मेंटल हेल्थ का फिट रहना भी काफी जरूरी होता है. इसलिए रोजाना आपको एक्सरसाइज या मेडिटेशन करने की आदत को डाल लेना चाहिए. 

शराब और सिगरेट का सेवन

आजकल शराब और सिगरेट का सेवन आम हो गया, जबकि यह आपके लिए काफी ज्यादा खतरनाक हैं. यह आदतें आपको उम्र से पहले बूढ़ा बना देती हैं. अगर आप ज्यादा समय तक इन नशीली चीजों का सेवन करते हैं तो यह आपको मौत के मुंह तक ले जा सकते हैं.

]]>
https://haryanafocus.com/anti-ageing-tips-these-four-habits-stops-you-to-live-longer-and-healthy-life-effects-on-young-age-tlifs/feed/ 0
सर्दियों में इम्यूनिटी को कमजोर बनाती हैं ये 5 चीजें, आज से ही गलती सुधारें: Immune System https://haryanafocus.com/5-things-destroying-your-immune-system-or-weaken-immunity-how-to-boost-your-immune-system-how-does-the-immune-system-work-tlifm/ https://haryanafocus.com/5-things-destroying-your-immune-system-or-weaken-immunity-how-to-boost-your-immune-system-how-does-the-immune-system-work-tlifm/#respond Thu, 11 Jan 2024 12:02:09 +0000 https://www.yogeetainterior.com/hrfocus/?p=1114

सर्दियों में लोग काफी बीमार पड़ते हैं. कुछ मामलों में उन्हें ठीक होने में काफी लंबा समय लग जाता है. बीमारी से ठीक होने में लगने वाला लंबा समय कमजोर इम्यूनिटी को भी प्रभावित करता है. इम्यूनिटी कमजोर होने के क्या कारण है? इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

सर्दियों का मौसम साल का वह समय होता है, जब हममें से अधिकांश लोग बीमार हो जाते हैं. इसका कारण तेज सर्दी, मौसमी बीमारियां, खांसी-जुकाम हो सकता है. हालांकि ये बीमारियां कुछ ही दिन में ठीक हो जाती हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि आप लगातार बीमार हो रहे हैं या आपको हर बीमारी या सर्दी से उबरने में काफी समय लग रहा है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो गई है. आपकी  इम्यूनिटी बैक्टीरिया, वायरस और विषाक्त पदार्थों से होने वाली बीमारियों के खिलाफ आपके शरीर का प्राकृतिक रक् कवच है. कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो इम्यूनिटी को कमजोर बनाती हैं. तो आइए उन चीजों के बारे में जान लीजिए, जिनसे जाने-अनजाने आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है.

पर्याप्त नींद न लेना

पर्याप्त नींद लेना अच्छी हेल्थ के लिए काफी जरूरी है. नींद के दौरान आपका शरीर केवल प्रोटीन जारी करता है जो इम्यून सिस्टम की मदद करता है जिसे साइटोकिन्स कहा जाता है. अगर कोई पर्याप्त नींद न लेने से इम्यूनिटी कमजोर होती है. रिसर्च के मुताबिक, कम नींद लेने से आपका शरीर वायरस और कीटाणुओं के प्रति संवेदनशील हो जाता है जिनसे उबरने में लंबा समय लगता है.

स्ट्रेस लेना

रिसर्च के अनुसार, अगर कोई स्ट्रेस लेता है तो भी मात्र 30 मिनट के अंदर आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. इसलिए एक बार सोचें कि जो लोग लगातार स्ट्रेस में रहते हैं, उनकी इम्यूनिटी पर कैसा प्रभाव होता है?

विटामिन डी की कमी

सर्दियों के मौसम में धूप से विटामिन डी प्राप्त करना कुछ मुश्किल हो सकता है लेकिन नामुमकिन नहीं. एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी की रिसर्च के मुताबिक, विटामिन डी की कमी इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने के साथ ही उसे कमजोर भी बनाती है. सूरज की रोशनी के संपर्क में आना ही एकमात्र तरीका नहीं है जिससे आप विटामिन प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा आप सैल्मन, सार्डिन, हेरिंग और मैकेरल मछलियां, अंडे, रेड मीट आदि से भी विटामिन डी प्राप्त कर सकते हैं.

फल-सब्जियां नहीं खाना

फल और सब्जियां शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए व्हाइट ब्लड सेल्स बनाने में मदद करती हैं. हार्वर्ड टीएच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ का कहना है, ‘एक या अधिक पोषक तत्वों की कमी वाली डाइट इम्यून सेल्स और एंटीबॉडीज के प्रोडक्शन को खराब कर देती है.’ यह तो हर कोई जानता ही है फल-सब्जियां पोषक तत्वों का प्रमुख सोर्स होते हैं.

एक्सरसाइज न करना

हममें से अधिकांश लोग सर्दियों के दौरान घर में आराम करने के अलावा कुछ नहीं करना चाहते लेकिन रिसर्च का मानना है कि अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है. वेबएमडी के अनुसार, रोजाना एरोबिक एक्सरसाइज आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है जिससे शरीर को कीटाणुओं से बेहतर बचाव करने में मदद मिलती है.

]]>
https://haryanafocus.com/5-things-destroying-your-immune-system-or-weaken-immunity-how-to-boost-your-immune-system-how-does-the-immune-system-work-tlifm/feed/ 0
खुद को बनाना चाहते हैं दिमागी रूप से मजबूत? तो जरूर अपनाएं ये 5 आदतें https://haryanafocus.com/habits-of-mentally-strong-people-you-should-follow-in-your-life-tlifn/ https://haryanafocus.com/habits-of-mentally-strong-people-you-should-follow-in-your-life-tlifn/#respond Thu, 11 Jan 2024 11:54:59 +0000 https://www.yogeetainterior.com/hrfocus/?p=1111

ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो हर परिस्थिति में खुश रहते हैं और उन्हें हार या जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है, इस तरह के लोगों को मेंटली स्ट्रॉन्ग कहा जाता है। जीवन में आने वाली चुनौतियों और उतार-चढ़ाव को पार करने के लिए व्यक्ति को मेंटली स्ट्रॉन्ग होना काफी जरूरी होता है. 

जिंदगी कई तरह की चुनौतियों और उतार-चढ़ाव से भरपूर होती है. इन सभी चुनौतियों और उतार-चढ़ावों का सामना करने के लिए दिमाग का मजबूत होना काफी जरूरी होता है. दिमागी रूप से मजबूत लोग इन सभी चुनौतियों का सामना करते हैं और किसी भी मुश्किल परिस्थिति से खुद को बाहर निकाल लेते हैं. इसके अलावा दिमागी रूप से मजबूत लोगों में कुछ ऐसी आदतें होती हैं जो उन्हें बाकियों से अलग करती हैं.  तो अगर आप भी खुद को दिमागी रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं और हर परिस्थिति का खुलकर सामना करना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप कुछ आदतों को अपनाएं. आइए जानते हैं क्या हैं वो आदतें जो आपको दिमागी रूप से मजबूत बनाती हैं.

जिंदगी में आगे बढ़ना- मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ने में सफल होते हैं. वे या तो ताकत से भरा जीवन जीते हैं या सक्रिय रूप से उन चुनौतियों की तलाश करते हैं जिनमें वे खुद को साबित कर सकें. इस तरह के लोग अपने अतीत पर ध्यान केंद्रित नहीं करते हैं, इसके अलावा, वे यह पता लगाते हैं कि उनके लिए जीवन में  क्या रखा है.

परिवर्तन को स्वीकार करते हैं- जो बात एक आम व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति से अलग करती है, वह है परिवर्तन को स्वीकार करने की उनकी क्षमता. मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति जीवन में आने वाले परिवर्तनों को स्वीकार करते हैं. परिवर्तनों का विरोध करने की बजाय, वे इनका स्वागत करते हैं, और इन परिवर्तनों को विकास और सुधार के रूप में देखते हैं.

खुश रहना- हमेशा आशावादी और संतुष्ट रहना एक दिमागी रूप से मजबूत व्यक्ति की पहचान होती है. वे नेगेटिव बातों पर ध्यान देने से बचते हैं और फैक्ट्स का सामना करते हैं. इस तरह के लोग अपनी कमियों और लाइफ के नेगेटिव पहलुओं को भी स्वीकार करते हैं, लेकिन इन चीजों को वे अपने ऊपर हावी नहीं होने देते. चीजों के प्रति संतोष होना ही मानसिक शक्ति का संकेत होता है.

जोखिम उठाने की इच्छा- मानसिक रूप से मजबूत लोग खतरों का सामना करते हैं और जोखिम उठाने से डरते नहीं हैं. इस तरह के लोग सोच-समझकर फैसले लेते हैं. उनका ये नजरिया उन्हें जीवन की चुनौतियों को पार करने में मदद करता है.

खुद पर और अपने भविष्य पर इन्वेस्ट करना- भविष्य के लिए खुद के बारे में सोचना मानसिक रूप से मजबूत लोगों की प्राथमिकता होती है. इस तरह के लिए सक्रिय रूप से भविष्य के लिए योजनाएं बनाते हैं. इस तरह के लोग चुनौतियों को स्वीकार कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करते हैं. इन सभी चीजों से उनका पर्सनल डेवलपमेंट होता है.

]]>
https://haryanafocus.com/habits-of-mentally-strong-people-you-should-follow-in-your-life-tlifn/feed/ 0